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लोटिटो के द्वारा बनाए गए कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, केले, उबले हुए अंडे या ब्रेड जैसी सामान्य चीजें पचती नहीं थीं, लेकिन धातु की चीजों को वे आसानी से पचा सकते थे।

लोटिटो ने अपनी अनोखी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए लोगों के सामने बैठकर पलंग से लेकर साइकिल, टेलीविजन सेट, कंप्यूटर और धातु की कई चीजें खाई। उन्होंने धातु से बनी चीजें खाने के लिए उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर फिर उन्हें बराबर मात्रा में पानी और मिनरल ऑयल (तेल) के साथ खाया।

मिचेल लोटिटो की यह अद्भुत क्षमता के बारे में व्याख्यान देते हुए उन्हें बहुत से लोगों ने देखा। 1978 में उन्होंने सेसना 150 हवाई जहाज को महज दो साल में ही खा लिया था।

लोटिटो ने अपने जीवन में करीब नौ टन धातु का सेवन किया, और अपने अद्भुत कारनामों से दुनिया को चौंका दिया। 25 जून 2007 को 57 साल की उम्र में लोटिटो की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी।।

मिचेल लोटिटो का नाम विश्व के अद्वितीय और अनोखे व्यक्तियों की श्रेणी में समाहित है, जिनकी कहानी हमें आश्चर्यचकित करती है और हमें यह सिखाती है कि मानव आत्मा में कितनी अद्वितीय शक्ति होती है।

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